निर्वाचनायोगस्य निर्णयस्यानंतरम् न्यासस्य राजनीति, नाटकमनवरति ! चुनाव आयोग के फैसले के बाद धरने की सियासत, ड्रामा जारी है !

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टीएमसी इत्यस्य प्रमुख ममता बनर्जी निर्वाचन आयोगस्य निर्णयस्य विरुद्धम् कोलकातायाम् न्यासे तिष्ठा ! तस्या: कथनमस्ति तत निर्वाचन आयोग केंद्र सर्वकारस्य कथने कार्यम् करोति !

टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ कोलकाता में धरने पर बैठीं हुईं हैं ! उनका कहना है कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है !

येन प्रकारेण तया प्रचारेणावरोधितम्, तः स्वस्मै इदम् कथनाय प्रचुरमस्ति तत भाजपा निराश भवितं ! ममता बनर्ज्या: समर्थने डीएमके इत्यस्य एमके स्टालिन: अपि क्षेत्रे अवतरित: कथितः च् तत निर्वाचनायोग कस्यप्रकारस्य उदाहरणं प्रस्तुतम् करोति !

जिस तरह से उन्हें प्रचार करने से रोका गया है, वो अपने आपमें यह बताने के लिए पर्याप्त है कि बीजेपी हताश हो चुकी है ! ममता बनर्जी के समर्थन में डीएमके के एम के स्टालिन भी मैदान में उतरे और कहा कि चुनाव आयोग किस तरह की नजीर पेश कर रहा है !

निर्वाचनायोगं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्ज्याम् १२ अप्रैल इत्यस्य रात्रि अष्ट वादन तः प्रचारे ८ वादनैव कश्चितापि प्रकारेण प्रचारे २४ घटकस्य प्रतिबंधितं ! वस्तुतः वर्तमानैव निर्वाचनायोगं ममता बनर्जीम् तस्या: एकाय कथनाय सूचना पत्रम् प्रेषितम् स्म !

चुनाव आयोग ने TMC प्रमुख ममता बनर्जी पर 12 अप्रैल की रात 8 बजे से 13 अप्रैल की रात 8 बजे तक किसी भी तरह से प्रचार करने पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगाया है ! दरअसल हाल ही में चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को उनके एक बयान के लिए नोटिस भेजा था !

ममता बनर्जीम् हुगल्यां निर्वाचन गोष्ठ्याः कालम् कथित रूपे सांप्रदायिकाधारे मतदाताभिः प्रार्थनाय सूचनापत्रम् निर्गत कृतं स्म !

ममता बनर्जी को हुगली में चुनाव रैली के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक आधार पर मतदाताओं से अपील करने के लिए नोटिस जारी किया गया था !

ममता बनर्ज्या: समर्थने द्वितीयदलमपि स्वरम् स्वरयन्ति ! शिवसेना प्रवक्ता संजय राउतस्य कथनमस्ति तत येन प्रकारेण संवैधानिक संस्थाषु वर्तमान सर्वकार: भारम् भारयति, तः स्वस्मै शुभ संकेतम् नास्ति !

ममता बनर्जी के समर्थन में दूसरे दल भी राग अलाप रहे हैं ! शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं पर मौजूदा सरकार दबाव बना रही है वो अपने आप में शुभ संकेत नहीं है !

प्रश्नम् इदमस्ति तत यदा येन प्रकारेण संस्थानि कार्यम् कर्तुमारंभिष्यति तदा जनानां विश्वासम् समापनं भविष्यते ! बङ्गे अद्य यत् केचनापि भवति तत् केवलं केवलं च् स्वतंत्र स्वरम् बाधयस्य प्रयत्नम् क्रियतैति !

सवाल यह है कि जब इस तरह से संस्थाएं काम करना शुरू कर देंगी तो लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा ! बंगाल में आज जो कुछ भी हो रहा है वो सिर्फ और सिर्फ स्वतंत्र आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है !

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