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हल्द्वानी हिंसायां आहूय-आहूय हिंदू वार्ताहरेषु अभवन् घातम् ! ऑपइंडिया इत्यस्य ग्राउंड सूचनायां रहस्योद्घाटनम् ! हल्द्वानी हिंसा में चुन-चुन कर हिंदू पत्रकारों पर हुआ हमला ! ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा !

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उत्तराखंडस्य हल्द्वानी हिंसायां उत्पातकाः आरक्षक प्रशासनस्यातिरिक्तं घटनायाः रिपोर्टिंग कुर्वन्ति हिंदू वार्ताहरानपि स्वलक्ष्यमकुर्वन् स्म ! ते आहूय-आहूय वार्ताहरेषु घातमकुर्वन् स्म ! तत् काळम् केषाम् शिरे प्रस्तराघातमकुर्वन् स्म तु केषाम् हस्तमेवात्रोटयन् स्म !

उत्तराखंड के हल्द्वानी हिंसा में दंगाइयों ने पुलिस प्रशासन के अलावा घटना की रिपोर्टिंग कर रहे हिंदू पत्रकारों को भी अपना निशाना बनाया था ! उन्होंने चुन चुन कर पत्रकारों पर वार किया था ! उस दौरान किसी के सिर पर पत्थर मारे गए थे तो किसी का हाथ ही तोड़ दिया गया था !

येषु केचन ताः वार्ताहरः अपि आसन् याः न्यायालयस्य विरुद्धम् गत्वापि तै: सह काले-काले स्थिता: रमन्ति स्म ! अधुना तेषां कथनमस्ति तत तेषां नेत्राणि येन घटनाया उद्घाटयन् ! ऑपइंडिया इत्यस्य वार्ताहरः राहुल पांडे यदा ग्राउंड इत्यां स्थितिम् ज्ञातुं अगच्छत् तु तस्य मेलनम् यै: वार्ताहरै: अभवन् !

इनमें कुछ वो पत्रकार भी थे जो कोर्ट के विरुद्ध जाकर भी उन लोगों के साथ समय-समय पर खड़े रहते थे ! अब उनका कहना है कि उनकी आँखे इस घटना से खुल गई हैं ! ऑपइंडिया के पत्रकार राहुल पांडे जब ग्राउंड पर हालात जानने गए तो उनकी मुलाकात इन पत्रकारों से हुई !

येषु एकः अमृत विचारेति वार्तापत्रस्य वार्ताहरः संजय: अपि आसन् ! संजयेण यदाहं मेलित: तदा तः चिकित्सालये सुश्रुषा हेतु अगच्छत् स्म ! रिपोर्टिंग इत्यस्य काळम् तेन सर्वात् अधिकं आघाताः अभवत् ! तस्य हस्तमपि फ्रैक्चर इति अभवत् शिरे चपि तीक्ष्णास्त्रेणाघाताभवत् ! सम्प्रति प्रशासनम् तस्य सुश्रुषा कारयति !

इनमें एक अमृत विचार अखबार के पत्रकार संजय भी थे ! संजय से जब हम मिले तो वो अस्पताल में भर्ती थे ! रिपोर्टिंग के दौरान उन्हें सबसे ज्यादा घाव लगे ! उनका हाथ भी फ्रैक्चर हुआ और सिर पर भी धारदार हथियार से मारा गया ! अब प्रशासन उनका इलाज करवा रहा है !

तु तस्यसंमुखतः तत् दृश्यम् न पटाक्षेपति यत् सः रिपोर्टिंग इत्यस्य काळमपश्यत् ! बृजलाल चिकित्सालये स्थित: संजय: अज्ञापत् तत यदा अवैध मस्जिद पातनस्य कार्यवहनारभत् तदा अकस्मात् छदिभिः प्रस्तरागतुमरभत् ! तेन अवरोधितुं यदा वाष्प गैस इत्यस्य गोलकम् विमुन्चयत्, तु कश्चित परिवर्तनम् नाभवत् !

लेकिन उनके सामने से वो मंजर नहीं हट रहा जो उन्होंने रिपोर्टिंग के दौरान देखा ! बृजलाल अस्पताल में भर्ती संजय ने बताया कि जब अवैध मस्जिद गिराने की कार्रवाई शुरू हुई तो अचानक छतों से पत्थर आने लगे ! उन्हें रोकने के लिए जब आँसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा !

एकम् अर्धाधिकं एकम् घटकानंतरम् यदा तिमिराभवत् तदा सम्मर्द: अगच्छन् ! ते अग्नि प्रज्ज्वलनमरभन् ! यानि बहिः गमनस्य मार्गाणि आसन् तै: अवरुध्दयन् ! तस्यानंतरम् परितः प्रस्तरघात भवितुमरभन् ! फोर्स इत्यापि विचारितुं अरभत् तत इमानि तु प्रतिस्थानतः प्रस्तराणि आगच्छन्ति ! यस्यानंतरम् प्रमुखान् अधिकारिनः कवर कृत्वा फोर्स बहु संकटतः तत्रतः निर्गच्छत् !

एक डेढ़ घंटे बाद जब अंधेरा हुआ तो भीड़ आ गई ! उन्होंने आग जलानी शुरू कर दी ! जो बाहर निकलने के रास्ते थे उन्हें बंद कर दिए ! उसके बाद चारों ओर से पत्थरबाजी होने लगी ! फोर्स भी सोचने लगी कि ये तो हर जगह से पत्थर आ रहे हैं ! इसके बाद आला अधिकारियों को कवर करके फोर्स ने बड़ी मुश्किल से वहाँ से निकाला !

तु तदैवारक्षकस्य वाहनेषु अपि प्रज्ज्वलितुं अरभन् स्म ! प्रस्तरघातम् इयत् तीव्रतया भवति स्म तत तत्रतः निस्सरणम् कठिन्य: आसीत् ! आरक्षकः एकस्य द्वितीयस्य उपरितः मर्दित्वा मर्दित्वा पलायति स्म ! संजय: स्वविगत शृणुन् अकथयत्, अस्यैव काळम् मया बंधनम् कृत्वा अताडयत् !

लेकिन तब तक पुलिस की गाड़ियों में भी आगजनी होना शुरू हो गई थी ! पत्थरबाजी इतनी तेजी से हो रही थी कि वहाँ से निकलना मुश्किल था ! पुलिस एक दूसरे के ऊपर से कुचल कुचल कर भाग रही थी ! संजय ने आपबीती सुनाते हुए कहा, इसी दौरान हमें पकड़कर मारा गया !

अस्माकं छायाग्रहिकालुंठत् ! मोबाइल यंत्रम् निस्सरत् ! घटिका नयवान् ! वाहनादग्धत् ! अयं तु अस्माकं द्वितीय जन्म: मान्यतु ! अस्मासु दण्डै:, प्रस्तरै: घातमभवम स्म ! संजयस्य चलचित्रे द्रष्टुम् शक्नोति तत वार्ताहरस्य हस्ते फ्रैक्चर इति अगच्छत् ! यस्या अतिरिक्तं शिरे पश्चम् प्रति तीक्ष्णास्त्रेण घातमपि अकुर्वन् !

हमारा कैमरा छीना गया ! मोबाइल निकाल लिया ! घड़ी ले ली ! गाड़ी फूँक दी ! ये तो हमारा दूसरा जन्म मान लो ! हम पर लाठी-डंडे, पत्थर से हमला हुआ था ! संजय की वीडियो में देख सकते हैं कि पत्रकार के हाथ में फ्रैक्चर आया है ! इसके अलावा सिर पर पीछे की ओर धारदार हथियार से वार भी किए गए हैं !

तस्य स्थितिम् सम्यक् भूते काळम् गमिष्यति, चिकित्सालये तेन सह तस्य भार्यास्ति या रुदन्ती ज्ञापयति तत ता स्व त्रयान् शिशुन् श्वश्रुम् च् विना ज्ञापत् अत्र सन्ति ! श्वश्रो: हृदय शल्य चिकित्साभवत् अतएव ता ताभ्यां केचन न ज्ञाप्तुं शक्नोति ता केवलं इच्छति तत तस्या: भर्ता शीघ्रातिशीघ्रम् गृहमागच्छेत् !

उनकी हालत सुधरने में समय लगेगा, अस्पताल में उनके साथ उनकी पत्नी हैं जो रोते हुए बताती हैं कि वो वो अपने तीन बच्चे और सास को बिन बताए यहाँ (अस्पताल) में हैं ! सास का हार्ट ऑपरेशन हुआ है इसलिए वो उन्हें कुछ नहीं बता सकती हैं वो बस चाहती हैं कि उनका पति जल्दी से जल्दी घर आ जाए !

ग्राउंड इत्यां वसस्य काळम् राहुल पांडे उत्तराखंडस्य बनभूलपुरायां उत्तराखंड २४ इत्यस्य वार्ताहरः अतुल अग्रवालतः अपि मेलित: ! अतुल अग्रवाल: ताः स्थानीय वार्ताहरः सन्ति, याः पूर्व वर्षम् न्यायालयस्य कार्यवहनस्य विरोधे मुस्लिम सम्मर्देण सह स्थिता: आसन् ! सहैव कथ्यति स्म तत ताः निरीहा: सन्ति, तान् दंडम् ददान्तु !

ग्राउंड पर रहने के दौरान राहुल पांडे उत्तराखंड के बनभूलपुरा में उत्तराखंड 24 के पत्रकार अतुल अग्रवाल से भी मिले ! अतुल अग्रवाल वो स्थानीय पत्रकार हैं, जो पिछले साल कोर्ट की कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम भीड़ के साथ खड़े थे ! साथ ही कह रहे थे कि वो लोग मासूम हैं, उनको सजा न दी जाए !

तु इतिदायाः घटनायाः अनंतरम् तस्य विचारम् परिवर्तयत् ! सः अकथयत्, तत दृश्य विचार्यापि हृदयम् कम्पते ! वयं तत्रतः जीवितं पुनरागच्छम संभवतः वयं कश्चित साधुकर्म कर्तुं भविष्याम: पुनः वा भगवतस्य दया ! प्रकरणम् शासनस्य-प्रशासनस्यासीत् ! यस्मिनस्माभिः किं लक्ष्यमकुर्वन् !

लेकिन इस बार की घटना के बाद उनकी सोच बदल गई ! उन्होंने कहा, वो नजारा सोचकर भी रूह काँप जा रही है ! हम वहाँ से जिंदा लौटकर आ पाए शायद हमने कोई अच्छे कर्म किए होंगे या फिर ऊपर वाले की मेहरबानी है ! मामला शासन-प्रशासन का था ! इसमें हमें क्यों टारगेट बनाया गया !

सः प्रस्तरघाततः ध्वंस हेलमेट प्रदर्शयतकथयत् च् यदि अद्य हेलमेट न भवति तु मम शिरे घातम् भवितुं भवति ! तत्र पशुतासीत् प्रस्तरघातं सततं भवति स्म ! तै: केवलं अस्माभिः हननमासीत् ! वार्ताहरः पृच्छन्ति वयं इदृशः कस्मिचित् पातक अकुर्वम ! वयं तु वार्ता रचितुं अगच्छम स्म !

उन्होंने पत्थरबाजी से पिचका हेलमेट दिखाया और कहा अगर आज हेलमेट नहीं होता तो मेरा सिर खुला हुआ होता ! वहाँ हैवानियत थी ! पत्थरबाजी लगातार हो रही थी ! उन्हें बस हमें मारना था ! पत्रकार पूछते हैं हमने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया ! हम तो न्यूज बनाने गए थे !

सः ज्ञापयति तत पूर्ववर्षम् यदा न्यायालय: अतिक्रमण निर्वर्तमकथयत् स्म तदा तः यै: सह स्थिता: आसीत् तत इमे अगृहम् भविष्यन्ति तु कुत्र गमिष्यन्ति ! सः पृच्छति यदाहम् तै: सह स्थिता: आसन् ! तु अस्माभिः सह स्थितं किं न निस्सरन् ! तत्र प्रस्तर इदृशः आगच्छति यथैव प्रवातस्यानंतरम् वर्षागच्छति ! केवलं जीवितं अवशेम वयं यस्मै भगवतम् साधुवाद कुर्यामि !

वह बताते हैं कि पिछले साल जब कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने को कहा था तब वो इनके साथ खड़े थे कि ये लोग बेघर हो जाएँगे तो कहाँ जाएँगे ! वह पूछते हैं जब हम उनके साथ खड़े थे तो ये हमारे साथ खड़े होने को क्यों नहीं निकले ! वहाँ पत्थर ऐसे आ रहे थे जैसे आँधी के बाद बारिश आती है ! बस जिंदा बचे हम इसके लिए भगवान को शुक्रिया करते हैं !

सः अकथयत् यथा व्यवहारमस्माभिः सह अभवम, तस्यानंतरम् पीड़ास्माकं हृदयमपि अस्ति ! घटनायाः अनंतरम् कश्चितैव सॉरी इति नावदत् ! अस्माभिः सह द्वितीय समुदायस्य वार्ताहरः अपि आसन् ! तु कस्मिचिद् घातमपि नागच्छन् ! भवन्तः चिकित्सालयं भ्रमन्तु तत्र यति वार्ताहरः सुश्रुषाहेतु सन्ति तै: पृच्छन्तु तेषां नाम ज्ञातम् कुर्वन्तु, मया किंचित कथनस्य आवश्यकतैव न भविष्यामि !

उन्होंने कहा जैसा व्यवहार हमारे साथ हुआ है, उसके बाद टीस हमारे मन भी है ! घटना के बाद किसी ने सॉरी नहीं बोला ! हमारे साथ दूसरे समुदाय के पत्रकार भी थे ! लेकिन किसी को खरोंच भी नहीं आई ! आप सब अस्पताल घूम लीजिए वहाँ जितने पत्रकार भर्ती हैं उनसे पूछ लीजिए उनका नाम पता कर लीजिए, हमें कुछ कहने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी !

वार्ताहरः अतुल अग्रवाल: अयमपि दृढ़कथनम् अकरोत् ततोत्पाती सम्मर्द: नाम पृष्ट्वा घातम् करोति स्म ! आईकार्ड पृच्छति स्म ! तस्यानंतरं लक्ष्यं क्रियते स्म ! इदम् बहु अमान्य घटनास्ति ! बहु क्रूर घटनास्ति ! चतुर्थस्तंभेण सह यदि इदृशः भविष्यति तु तेन किमाशा धरिष्यति ! सः अकथयत् तत घटनायाः अनंतरम् तस्य दृष्टिम् परिवर्तयत् !

पत्रकार अतुल अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि दंगाई भीड़ नाम पूछकर हमला कर रही थी ! आईकार्ड देख रहे थे ! उसके बाद टारगेट किया जा रहा था ! ये बहुत अमान्य घटना है ! बहुत क्रूर घटना है ! चौथे स्तंभ के संग अगर ऐसा होगा तो उनसे क्या उम्मीद रखेंगे ! उन्होंने कहा कि घटना के बाद उनका नजरिया बदल गया !

अतुल: कथ्यति अहम् केवलं इयतशृणोम् स्म इति प्रकारम् घातम् भवति ! अद्यापश्यत् ! यदि चतुर्थस्तंभे इदृशः घातम् भविष्यति तु भवन्तः किं तेभ्यः आशा धरिष्यन्ति ! तेषां रणम् शासनतः-प्रशासनतः आसीत् ! अस्माभिः किं अह्नन् ! अतुल अग्रवाल: द वायर यथैव संस्थानेषु अपि खिन्नताव्यक्तत् याः कार्यालये तिष्ठ्वा उत्पाती सम्मर्दम् क्लीन चिट दत्तुम् संलग्नानि सन्ति !

अतुल कहते हैं हमने बस सुना था कि इस तरह हमला होता है ! आज देखा ! अगर चौथे स्तंभ पर ऐसा हमला होगा तो आप उससे क्या उम्मीद रखेंगे ! उनकी लड़ाई शासन-प्रशासन से थी ! हमें क्यों मारा ! अतुल अग्रवाल ने द वायर जैसे संस्थानों को भी लताड़ा जो कार्यालय में बैठ दंगाई भीड़ को क्लीन चिट देने में लगे हैं !

सः अकथयत् यदि इमे ग्राउंड इत्यां भवन्ति तु पश्यन्ति तत येषां निरिहयत् किं भवन्ति ! अस्माभिः अपृच्छम किमासीत् दृश्यं ! ताः तु देहल्यां तिष्ठ्वा केवलं वार्ता चालयन्ति ! अत्र आगत्य ग्राउंड इत्यां अपश्यन् न ! किं इदृशः भवन्ति निरीह जनाः ? किं ताः इदृशः कुर्वन्ति ? मम त्रयः शिशवः !

उन्होंने कहा अगर ये (द वायर जैसे संस्थान) लोग ग्राउंड पर होते तो देखते कि इनकी मासूमियत क्या होती है ! हमसे पूछो क्या था मंजर ! वो तो दिल्ली में बैठकर बस न्यूज चला रहे हैं ! यहाँ आकर ग्राउंड पर देखो न ! क्या ऐसे होते हैं मासूम लोग ? क्या वो ऐसे करते हैं ? मेरे तीन बच्चे हैं !

यदि केचन भवते तु मम कुटुंबस्य कः पालयति ! वयं कल्पनापि न कृतारासीत् ततेदम् दृश्यं दर्शनम् लब्धिष्यन्ति ! वयं भ्रातृत्व निर्वहामः, तै: अग्रम् धरन्ति तु अधुना एतेषु वार्तासु विचारम् कर्तुं भविष्यन्ति ! ज्ञापयतु तत यस्मात् पूर्वमपि वार्तागच्छन् स्म तत अष्ट फरवरीम् हल्द्वानी हिंसायां उत्पातकानां लक्ष्ये आरक्षकेण सह वार्ताकर्मिन: अपि आसन् !

अगर कुछ हो जाता तो मेरा परिवार का कौन पालता ! हमने कल्पना भी नहीं की थी कि ये मंजर देखने को मिलेगा ! हम लोग भाईचारा निभाते हैं, उन्हें आगे रखते हैं लेकिन अब इन चीजों पर विचार करना पड़ेगा ! बता दें कि इससे पहले भी खबर आई थी कि 8 फरवरी को हल्द्वानी हिंसा में दंगाइयों के निशाने पर पुलिस के साथ मीडियाकर्मी भी थे !

हिंसा पीड़ित: वार्ताहरः मुकेश सिंहरपि अकथयतारक्षकम् मीडिया इतम् च् लक्ष्यस्य योजना पूर्वमेवारचन् स्म ! मुकेश: अभिज्ञानम् दत्तरासीत् तत कीदृश: अवैध अतिक्रमण ध्वस्तस्य कार्यवहनस्यानंतरम् सम्मर्द: आरक्षकं मीडिया इतम् च् लक्ष्यं अकुर्वन् ! तानवरुद्ध्य प्रस्तरघातमकुर्वन् पेट्रोल बम चक्षिपन् !

हिंसा पीड़ित पत्रकार मुकेश सिंह ने भी कहा पुलिस और मीडिया को निशाना बनाने की योजना पहले ही बना ली गई थी ! मुकेश ने जानकारी दी थी कि कैसे अवैध अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई के बाद भीड़ ने पुलिस और मीडिया को निशाना बनाया ! उनको घेरकर पत्थरबाजी की गई और पेट्रोल बम फेंके गए !

साभार:-ऑपइंडिया

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