अरुणाचले लद्दाखे च् द्रक्ष्यत: वलयाकार: सूर्यग्रहण, विशेषं खगोलीय घटनाम् ! अरुणाचल और लद्दाख में दिखेगा वलयाकार सूर्यग्रहण, खास खगोलीय घटना !

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१० जून इतम् भवितुम् गतम् इति वर्षस्य प्रथम सूर्यग्रहण भारते केवलं अरुणाचल प्रदेशस्य लद्दाखस्य च् केचन अंशेषु इव सूर्यास्तेन केचन कालम् पूर्वम् द्रक्ष्यन्ति !

दस जून को होने जा रहा इस साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में केवल अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में ही सूर्यास्त से कुछ समय पहले दिखाई देगा !

इदम् वलयाकार: सूर्यग्रहण भविष्यति इदम् च् खगोलीय घटनाम् तदा भवति यदा मार्तंड, निशाकर: धरा च् एकम् सरलं रेखायाम् आगच्छन्ति !

यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा और यह खगोलीय घटना तब होती है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं !

एमपी बिरला तारामंडलस्य निदेशक: देबीप्रसाद दुरई: भौमवासरम् अत्र कथितः तत सूर्यग्रहण भारते अरुणाचल प्रदेशस्य लद्दाखस्य च् केचन अंशै: इव द्रक्ष्यन्ति !

एमपी बिरला तारामंडल के निदेशक देबीप्रसाद दुरई ने मंगलवार को यहां कहा कि सूर्य ग्रहण भारत में अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों से ही दिखाई देगा !

अरुणाचल प्रदेशे दिबांग वन्यजीवाभ्यारण्यस्य पार्श्वतः सायं लगभगम् ५:५२ वादनम् इति खगोलीय घटनाम् द्रष्टुम् शक्ष्यते !

अरुणाचल प्रदेश में दिबांग वन्यजीव अभ्यारण्य के पास से शाम लगभग 5:52 बजे इस खगोलीय घटना को देखा जा सकेगा !

तत्रैव लद्दाखस्य उत्तरी अंशेषु, यत्र सायं लगभगं ६:१५ वादनम् सूर्यास्त भविष्यति, सायं लगभगं षड् वादनम् सूर्यग्रहण द्रष्टुम् शक्ष्यते !

वहीं लद्दाख के उत्तरी हिस्से में, जहां शाम लगभग 6.15 बजे सूर्यास्त होगा, शाम लगभग छह बजे सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा !

वलयाकार: सूर्यग्रहण तदा भवति यदा चंद्रमा धराया बहु द्रुतम् भवितं धरायाः मार्तंडस्य च् मध्ये येन प्रकारेण आगच्छन्ति यस्मात् तत मार्तंडस्य मध्यस्य संपूर्ण अंशम् चंद्रस्य छायाया आच्छादयति तु मार्तंडस्य बाह्य क्षेत्रः प्रकाशितं रमति !

वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से काफी दूर होते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में इस तरह से आ जाता है जिससे कि सूरज के मध्य का पूरा भाग चंद्रमा की छाया से ढक जाता है लेकिन सूरज का बाहर वाला क्षेत्र प्रकाशित रहता है !

येन कंकणाकारः ग्रहनापि कथ्यन्ति कुत्रचित मार्तंडम् निकषा ९८ प्रतिशत अंशान् चंद्र: आच्छादयति ! दुरई: कथितः तत उत्तरी अमेरिकायाः, यूरोपस्य एशियायाः च् वृहद क्षेत्रे सूर्यग्रहण द्रष्टुम् शक्ष्यते !

इसे कंकणाकार ग्रहण भी कहते हैं क्योंकि सूर्य के करीब 98 फीसद हिस्से को चंद्रमा घेर लेता है ! दुरई ने कहा कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया के बड़े क्षेत्र में सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा !

भारतीय कालानुसार: पूर्वाह्न ११:४२ वादनम् आंशिक सूर्यग्रहण भविष्यति इदम् अपराह्न ३:३० वादनात् वलयाकार: रूप नीतम् आरंभिष्यते तथा पुनः सायं ४:५२ वादनमैव खमे सूर्य अग्निवलयेव (अनलस्य अंगुलिका) द्रक्ष्यते !

भारतीय समयानुसार पूर्वाह्न 11:42 बजे आंशिक सूर्य ग्रहण होगा और यह अपराह्न 3:30 बजे से वलयाकार रूप लेना शुरू करेगा तथा फिर शाम 4:52 बजे तक आकाश में सूर्य अग्नि वलय (आग की अंगूठी) की तरह दिखाई देगा !

दुरई: कथितः तत सूर्यग्रहण भारतीय कालानुसार: सायं लगभगम् ६:४१ वादनम् संपादिष्यते ! विश्वे बहु संगठन सूर्यग्रहणस्य घटनायाः सरलं प्रसारणस्य व्यवस्थाम् कुर्वन्ते !

दुरई ने कहा कि सूर्यग्रहण भारतीय समयानुसार शाम लगभग 6:41 बजे समाप्त होगा ! विश्व में कई संगठन सूर्य ग्रहण की घटना के सीधे प्रसारण की व्यवस्था कर रहे हैं !

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