निर्वाचनानंतरम् हिंसायां आदेशं पुनर्नितुम् कोलकातोच्च न्यायालयम् प्राप्तं ममता सर्वकार ! चुनाव बाद हिंसा पर आदेश वापस लेने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंची ममता सरकार !

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पश्चिम बङ्गे निर्वाचनानंतरम् अभवत् हिंसायाः अन्वेषणस्याज्ञायाः विरुद्धम् ममता सर्वकार कोलकातोच्च न्यायालयस्य द्वारम् गतवती !

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के आदेश के खिलाफ ममता सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है !

वस्तुतः, कोलकातोच्च न्यायालयः निर्वाचन अनंतरम् राज्ये अभवत्त सर्वानां प्रकाराणां कथित मानवाधिकारोल्लंघनस्यान्वेषणाय राष्ट्रीय मानवाधिकारायोगमेकं समितिम् गठनाय कथितः !

दरअसल, कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव बाद राज्य में हुए सभी तरह के कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक समिति गठित करने के लिए कहा है !

यद्यपि ममता सर्वकारोच्च न्यायालयेण स्व निर्णयम् पुनर्नियस्यानुरोधम् कृतवती ! राज्य सर्वकारस्य याचिकायामोच्च न्यायालयः अद्य शृणुनम् कर्तास्ति !

जबकि ममता सरकार ने हाई कोर्ट से अपना फैसला वापस लेने का अनुरोध किया है ! राज्य सरकार की अर्जी पर हाई कोर्ट आज सुनवाई करने वाला है !

इदम् प्रकरण शृणुनाय कार्यवाहक: मुख्य न्यायाधीश:, राजेश जिंदलस्य, न्यायाधीश: इंद्र प्रसन्ना मुखर्जिण:, न्यायाधीश: सौमेन सेनस्य, न्यायाधीश: हरीश टंडनस्य एवं न्यायाधीश: सुब्रता तालुकदारस्य पीठस्य समक्षमागतुम् शक्नोति !

यह मामला सुनवाई के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, राजेश जिंदल, जस्टिस इंद्र प्रसन्ना मुखर्जी, जस्टिस सौमेन सेन, जस्टिस हरीश टंडन एवं जस्टिस सुब्रता तालुकदार की पीठ के समक्ष आ सकता है !

पंच न्यायाधीशानां अस्यैव पीठम् निर्वाचन अनंतरम् हिंसायाः अन्वेषणेन संलग्नं जनहित याचिकायां स्व आज्ञाम् प्रस्तुतम् कृतवान !

पांच जजों की इसी पीठ ने चुनाव बाद हिंसा की जांच से जुड़ी पीआईएल पर अपना आदेश जारी किया है !

गत शुक्रवासरम् याचिकायां शृणुनम् कृतमानः न्यायालयः निर्वाचनानंतरम् हिंसायामवरोधाय पगम् न उत्थाये राज्य सर्वकारस्यालोचनां कृतः !

गत शुक्रवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चुनाव बाद हिंसा पर रोक लगाने के लिए कदम न उठाने पर राज्य सरकार की खिंचाई की !

न्यायालयः एनएचआरसी इतमाज्ञाम् दत्त: तत सः एकस्य समित्या: गठनं करोतु यत् हिंसा प्रभावितं क्षेत्राणां भ्रमणं करिष्यति ! न्यायालयः आयोगम् ३० जून एव स्व सूचनापत्रम् प्रदत्तस्य आज्ञाम् दत्त: !

कोर्ट ने एनएचआरसी को आदेश दिया कि वह एक समिति का गठन करे जो हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी ! अदालत ने आयोग को 30 जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है !

जनहित याचिकासु आरोपमारोपितानि तत राजनीतिक घातानां कारणेन जनान् स्व गृहै: विस्थापितं भवितैति, तै: सह समाघातं कृतानि, संपत्तिम् क्षतिम् दत्तानि कार्यालयेषु च् लुण्ठन कार्याणि कृतानि !

जनहित याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक हमलों की वजह से लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा, उनके साथ मारपीट की गई, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कार्यालयों में लूटपाट की गई !

ज्ञापयन्तु तत २ मई इतम् बङ्गे निर्वाचनं परिणाम आगमनस्यानंतरम् राज्यस्य बहु क्षेत्रेषु भाजपा कार्यकर्ताषु घातानां घटनानि अभवन् ! भाजपाया: आरोपमस्ति ततभाजपा कार्यकर्ताषु घातानां पश्च टीएमसी नेतृणाम् हस्तानि सन्ति !

बता दें कि 2 मई को बंगाल में चुनाव नतीजे आने के बाद राज्य के कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले की घटनाएं हुईं ! भाजपा का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के पीछे टीएमसी नेताओं का हाथ है !

यद्यपि टीएमसी यस्मात् न कृतवान ! अवगम्यते तत पश्चिम बङ्गस्य राज्यपाल: जगदीप धनखड़: अपि हिंसायाम् स्व सूचनापत्रं गृहमंत्री अमित शाहम् प्रदत्त: !

जबकि टीएमसी ने इससे इंकार किया है ! समझा जाता है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी हिंसा पर अपनी रिपोर्ट गृह मंत्री अमित शाह को सौंपी है !

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