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हिंदू बालिकायाः पितरं ळब्धं अतिबाध्यस्य विरोधस्य दंडम्, अनवरतम् छुरिकाया घातम् कृतवान, मुद्गरेण च् शिरे कृतवान घातं, इति-उति पलायितुं रमित: आरक्षकः ! हिन्दू लड़की के पिता को मिली छेड़खानी के विरोध की सजा, ताबड़तोड़ गोदा चाकू, और हथौड़े से सिर पर किया वार, इधर-उधर दौड़ाती रही पुलिस !

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भारतस्य बहुना क्षेत्रै: मुस्लिम बहुल क्षेत्रेषु हिन्दुनां दुर्गत्या: वार्ता: संमुखमागतुं रमन्ति, तु वार्ता इस्लामी देशानां पकिस्तानस्य बंग्लादेशस्य कुरुत: तर्हि तत्र तर्हि यथैदमेकम् सामान्य घटनाक्रमेति निर्मितमसि ! सदैव तत्र हिन्दुषु क्रूरतायाः हिंदू महिलानां प्रताड़ना इत्या: वार्ता: आगतुं रमन्ति !

भारत के कई इलाकों से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हिन्दुओं की दुर्दशा की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन बात इस्लामी मुल्कों पाकिस्तान और बांग्लादेश की करें तो वहाँ तो जैसे ये एक सामान्य घटनाक्रम बन चुका हो ! आए दिन वहाँ हिन्दुओं पर क्रूरता और हिन्दू महिलाओं की प्रताड़ना की खबरें आती रहती हैं !

सम्प्रति बांग्लादेशतः इदृशमेवैकं घटना संमुखमागतं अस्ति यत्रैकं पितरम् केवलं येन कारणम् छुरिकभिः हतवान कुत्रचित सः स्व पुत्र्या सहाभवततिबाध्यस्य विरोधम् करोति स्म ! वस्तुतः, नेहा (परिवर्तितं नाम) नित्यं इव स्व कोचिंग कक्षाम् गच्छति स्म !

अब बांग्लादेश से ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता को सिर्फ इसलिए चाकुओं से गोद दिया गया क्योंकि वो अपनी बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ का विरोध कर रहा था ! दरअसल, नेहा (बदला हुआ नाम) रोज की तरह अपनी कोचिंग क्लासेस लेने जा रही थी !

इति काळम् राजशाही धूमयानपत्तनस्य पार्श्व मार्गे मिराज अर्थतः इरफान खान: प्रिंस: च् तस्या सह अतिबाध्यस्य प्रयत्नम् कृतमासीत् ! यस्मात् पूर्वम् द्वयो आरोपिनौ स्व प्रयोजने साफल्यं भवितौ, एकः जनः नेहाम् रक्षन् कोचिंग स्थानमेव प्रेषितवान !

इस दौरान राजशाही रेलवे स्टेशन के पास रास्ते में मिराज उर्फ इरफान खान और प्रिंस ने उसके साथ छेड़खानी करने की कोशिश की थी ! इससे पहले दोनों आरोपित अपने मकसद में कामयाब होते, एक व्यक्ति ने नेहा को बचाते हुए कोचिंग सेंटर तक पहुँचा दिया !

रक्षक जनस्य परिचयं एमोनस्य रूपे भवितमस्ति य: आरोपिन् प्रिंसस्य मित्रमपि अस्ति ! यद्यपि यस्य अनंतरमारोपिनौ पीड़िता नेह्या: गृहम् प्राप्तौ तस्या: च् पिता नील माधव साहाया सह वार्तालापं करिष्यत: ! इति मध्य मिराज: प्रिंस: च् छुरिका निःसृतौ नील माधव साहायां सततं घातं करिष्यत: !

बचाने वाले व्यक्ति की पहचान एमोन के रूप में हुई है जो कि आरोपित प्रिंस का दोस्त भी है ! हालाँकि, इसके बाद आरोपित पीड़िता नेहा के घर पहुँचे और उसके पिता नील माधव साहा के साथ बहस करने लगे ! इसी बीच मिराज और प्रिंस ने चाकू निकाल लिया और नील माधव साहा पर लगातार वार करने लगे !

छुरिका घातस्यानंतरम् मिराज: मुद्गरम् उत्थीत: साहायाः च् शिरे प्रहारित: ! मीडियातः वार्ता कृतन् नील माधव साहा ज्ञापित:, तौ मम पुत्रिम् पिड्यत: स्म ! एमोन:, आरोपिन् प्रिंसस्य मित्रमस्ति ! यदा एमोन: आरोपिनौ अवरोधनस्य प्रयत्नम् कृतः तर्हि तेनापि भर्त्सकः दत्तवान !

चाकू मारने के बाद मिराज ने हथौड़ा उठा लिया और साहा के सिर पर मार दिया ! मीडिया से बात करते हुए नील माधव साहा ने बताया, वो मेरी बेटी को परेशान करते थे ! एमोन, आरोपी प्रिंस का दोस्त है ! जब एमोन ने आरोपित को रोकने की कोशिश की तो उसे भी धमकाया गया !

साहायमपि कथित: प्रिंस: मया कथित: स्म तत यदि वयं जीवितुं इच्छाम: तर्हि अस्माभिः तेन प्रतिमासम् पणं दत्तुं भविष्यामः ! ताभ्यां भर्त्सकः दत्तौ आस्ताम् तत तौ मम पुत्र्याः बलात् पाणिग्रहण कारिष्यत: ! पीड़ितायाः पिता ज्ञापित: मिराज: मम शिरेण मुद्गरेण घातम् कृतवान ! एतौ जनौ मम बनियान इति कर्षितौ मम पादौ च् गृहितौ, तौ मम हननम् कर्तुं इच्छित: स्म !

साहा ने यह भी कहा प्रिंस ने मुझसे कहा था कि अगर हम जीना चाहते हैं तो हमें उसे हर महीने पैसे देने होंगे ! उसने धमकी दी थी कि वो मेरी बेटी का जबरन निकाह करा देंगे ! पीड़िता के पिता ने बताया मिराज ने मेरे सिर पर हथौड़े से वार किया है ! उन लोगों ने मेरी बनियान खींची और मेरे पैरों को पकड़ लिया, वे मेरी जान लेना चाहते थे !

यस्यातिरिक्तं, साहा स्वोपरि अभवत् इति घाताय मामूनस्य, फरादस्य, रेहमस्य, अखेरस्य रॉबिनस्य च् अपि नाम नीतवान ! नील माधव साहा कथित: वयं अल्पसंख्यकाः सन्ति प्रत्येक प्रकारस्य च् बलातस्य समाघातम् कुर्वन्ति ! अस्माभिः अनुरम् भविष्यामः, आत्महननम् कर्तुं भविष्यामः पुनः वा भारतं पलायितुं भविष्यामः ! कश्चितापि अस्माकं सहाय्याय अग्रम् नागतवन्तः !

इसके अलावा, साहा ने अपने ऊपर हुए इस हमले के लिए मामून, फराद, रेहम, अखेर और रॉबिन का भी नाम लिया है ! नील माधव साहा ने कहा हम अल्पसंख्यक हैं और हर तरह की जबरदस्ती का सामना कर रहे हैं ! हमें मरना होगा, आत्महत्या करनी होगी या फिर भारत भागना होगा ! कोई भी हमारी मदद के लिए आगे नहीं आया है !

वयं न्यायं इच्छाम: ! वयं विध्या: एकं स्वतंत्रं निष्पक्षं च् शासनमिच्छामः ! मम पुत्री पठनं कर्तुं न शक्नोति मम भार्या च् स्व पार्लर पुनः आरंभितुं न शक्नोति ! त्रयाणां आरक्षिस्थनानां आरक्षकाः न पंजीकृता: प्राथमिकी सूचनायाः अनुसारम् आरोपिनौ नील माधव साहाया समाघातस्यानंतरम् तस्य पुटतः ३०० रूप्यकानि भार्यायाः च् चैन इति लुंठितौ आस्ताम् !

हम न्याय चाहते हैं ! हम कानून का एक स्वतंत्र और निष्पक्ष शासन चाहते हैं ! मेरी बेटी पढ़ाई नहीं कर पा रही है और मेरी पत्नी अपना पार्लर दोबारा शुरू नहीं कर पा रही है ! तीन थानों की पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपितों ने नील माधव साहा से मारपीट करने के बाद उसकी जेब से 300 रुपए और पत्नी की चैन लूट ली थी !

इति घटनायाः अनंतरम् यदा साहारक्षकस्य पार्श्व अपवादम् पंजीकृतुं गतवान तर्हि तस्य क्षतै: रक्तम् प्रवहति स्म ! तु आरक्षकः विना कश्चित कार्यवाहिम् तेन निकषा चिकित्सालये प्रेषितवान ! पीड़ित्या: पिता चिकित्सालय प्रशासने आरक्षके च् कार्यवाह्यां शिथिलताम् कृतस्यारोपमारोपितमस्ति !

इस वारदात के बाद जब साहा पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने गए तो उनके घावों से खून बह रहा था ! लेकिन पुलिस ने बिना कोई कार्यवाही किए उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया !
पीड़िता के पिता ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है !

ज्ञाप्यते तत यदा साहा प्रथमदा चंद्रिमारक्षि स्थानम् गत: तर्हि आरक्षकः प्रकरणम् पंजीकृतेण न कृतन् तेन प्रथम चिकित्साकर्तुं कथितमासीत् ! यस्यानंतरम् यदा सः चिकित्साकारित्वागतः तर्हि आरक्षकेण साहाम् मोतिहारारक्षि स्थानम् गन्तुं कथितवान स्म !

बताया जा रहा है कि जब साहा पहली बार चंद्रिमा पुलिस स्टेशन गए तो पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार करते हुए उन्हें पहले इलाज कराने के लिए कहा था ! इसके बाद, जब वह इलाज करा कर आए तो पुलिस द्वारा साहा को मोतिहार पुलिस स्टेशन जाने के लिए कहा गया था !

यस्यानंतरम् मोतिहारारक्षकेणायम् कथन् प्राथमिकी पंजीकृतेण न कृतवान तत प्रकरणं रेलवे आरक्षकस्य अधिकारक्षेत्रे अस्ति ! खेदस्य वार्ता तर्हीदमस्ति तत रेलवे आरक्षकेणापि कश्चित प्रकारस्यापवादम् पंजीकृतेण न कृतवान स्म !

इसके बाद मोतिहार पुलिस द्वारा यह कहते हुए एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया गया कि मामला रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में है ! अफसोस की बात तो यह है कि रेलवे पुलिस द्वारा भी किसी प्रकार की शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया गया था !

यस्यानंतरम् यदा पीड़ित्या १७ अगस्तम् मीडिया इत्या: संमुखमिति पूर्णप्रकरणम् उत्थीत: तदा रेलवे आरक्षकेण प्राथमिकी पंजीकृतमस्ति ! तैव दिवसं रैपिड एक्शन बटालियन इति प्रकरणे त्रयान् जनान् बंधनम् कृतवान ! एतेषां त्रयाणां जनानां बंधनम् अभवन्, येषु मिराजस्य, फरहादस्य अखेरस्य च् नाम सम्मिलिता: सन्ति !

इसके बाद जब पीड़िता द्वारा 17 अगस्त को मीडिया के सामने इस पूरे मुद्दे को उठाया तब जाकर रेलवे पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है ! उसी दिन रैपिड एक्शन बटालियन ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है ! जिन तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, इनमें मिराज, फरहाद और अखेर का नाम शामिल है !

हिन्दुभिः सह बांग्लादेशे अभवत् इदम् एकल घटनाम् नास्ति ! अस्यैव वर्षम् २९ जुलैम् बांग्लादेशस्य दिनाजपुर जनपदस्य भेरवेदी यूनियन इत्या: कुमार पाराक्षेत्रे लाजायाः कृषिक्षेत्रे एकस्य हिन्दू महिलायाः शव ळब्धमासीत् ! अभिज्ञानस्यानुसारम्, मृतक महिलायाः परिचयं अपो रानी रॉय्या: रूपे अभवत् स्म ! सा स्व मातृगृहतः श्वशुरगृहम् पुनः आगच्छति स्म !

हिंदुओ के साथ बांग्लादेश में हुई ये इकलौती घटना नहीं है ! इसी साल 29 जुलाई को बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के भेरवेदी यूनियन के कुमार पारा इलाके में धान के खेत में एक हिंदू महिला का शव मिला था ! जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की पहचान अपो रानी रॉय के रूप में हुई थी ! वह अपने मायके से ससुराल लौट रही थी !

तु सा गृहम् प्राप्तुं न शक्नुतानंतरे च् तस्या: शव लाजायाः कृषिक्षेत्रे प्राप्तासीत् ! पीड़ितायाः शवस्य पार्श्व १० वर्षस्य बिपाशा रानी रॉय नाम्न: तस्या: बालिकापि अचेतावस्थायां ळब्धासीत् ! पीड़ितायाः कुटुंबमारोपमारोपितमासीत् तत अपो रानी रय्या सहाज्ञातापराधिनः सामूहिक दुष्कर्मम् कृतवान !

लेकिन वह घर नहीं पहुँच सकी और बाद में उसका शव धान के खेत में मिला था ! पीड़िता के शव के पास 10 साल की बिपाशा रानी रॉय नाम की उसकी बच्ची भी अचेत अवस्था में मिली थी ! पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि अपो रानी रॉय के साथ अज्ञात अपराधियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है !

सः दृढ़कथनम् कृतवान स्म ततारोपिनां परिचयं कृतेनावरोधितुं पीड़ितायाः हननम् कृतवान स्म ! एकमन्य प्रकरणे, इस्कॉनस्य प्रवक्ता राधारमण दासेण प्रस्तुतं एके चलचित्रे, १० वर्षीय बालिकाम् कथन् शृणुतुं शक्नोति स्म !

उन्होंने दावा किया था कि आरोपितों की पहचान करने से रोकने के लिए पीड़िता की हत्या की गई थी ! एक अन्य मामले में, इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में, 10 वर्षीय बच्ची को यह कहते हुए सुना जा सकता था !

मम माता मम हस्तम् दृढ़तापूर्ण गृहीतवती स्म ! सा अपराधिभिः मुक्ताय कथन् अनुनयति स्म ! सा तै: पृच्छतुं रमिता तत वयं त्वत् का क्षतिम् कृतवती ! ते मम ग्रीवायाः गृहीताः मम शिरे प्रहारिताः ! अहमचेत भूता तु तै: इदमनुभूता: तताहम् मृता अस्मि ! मया न ज्ञातम् तत तस्यानंतरम् मम मात्रा सह काभवत् !

मेरी माँ ने मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया था ! वह अपराधियों से छोड़ देने के लिए कहते हुए गिड़गिड़ा रही थी ! वह उनसे पूछती रही कि हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है ! उन्होंने मेरी गर्दन को पकड़ लिया और मेरे सिर पर मारा ! मैं बेहोश हो गयी लेकिन उन्हें ऐसा लगा कि मैं मर गई हूँ ! मुझे नहीं पता कि उसके बाद मेरी माँ के साथ क्या हुआ !

साभार आपइंडिया

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