केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरान्याम् अभद्र टिप्पणिका कर्ता उत्तर प्रदेशस्य एकम् प्रवक्तामभवत् कारागृहम् ! केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले यूपी के एक प्रोफेसर को हुई जेल !

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरान्याः विरुद्धम् कथित रूपेण अभद्र टिप्पणिका कृते उत्तर प्रदेशस्य एकम् प्रवक्तां कारागृहस्य पवनम् ळब्धित: ! इति प्रकरणे प्रवक्ता फिरोजाबादस्य न्यायालये आत्मसमर्पणं कृतवान यस्यानंतरम् तेन कारागृहम् प्रेषितम् !

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी करने पर उत्तर प्रदेश के एक प्रोफेसर को जेल की हवा खानी पड़ी है ! इस मामले में प्रोफेसर ने फिरोजाबाद की अदालत में समर्पण किया जिसके बाद उसे जेल भेजा गया !

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशानुराग कुमारस्य न्यायालये समर्पणं कर्ता प्रवक्ता शहरयार अली: भौमवासरम् स्व अंतरिम स्वतंत्रतापत्रम् याचिका कृतः !

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराग कुमार की अदालत में समर्पण करने वाले प्रोफेसर शहरयार अली ने मंगलवार को अपनी अंतरिम जमानत अर्जी लगाई !

वार्ता संस्थान पीटीआई इतस्यानुरूपम् प्रवक्तायाः इदम् स्वतंत्रतापत्रम् याचिका स्वीकृतम् नाभवत् न्यायालय: च् तेन कारागृहम् प्रेषित: !

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक प्रोफेसर की यह जमानत अर्जी मंजूर नहीं हुई और कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया !

शहरयार अली: एसआरके महाविद्यालये इतिहास विभागस्याध्यक्ष: सन्ति ! अलिण: उपरि आरोपमस्ति तत सः गत मार्च मासे महिला एवं बाल विकास मंत्रिण: विरुद्धम् अभद्र टिप्पणिका कृतरासीत् !

शहरयार अली एसआरके कॉलेज में इतिहास विभाग के अध्यक्ष हैं ! अली के ऊपर आरोप है कि उन्होंने गत मार्च महीने में महिला एवं बाल विकास मंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी !

यस्यानंतरम् महाविद्यालयम् तेन निलंबनस्य सूचना पत्रम् प्रेषितं ! इति मासस्यारंभे अलीम् सर्वोच्च न्यायालयेणापि लाघवम् न ळब्ध: ! शीर्ष न्यायालय: बंधनेण रक्षाय पंजीकृतं तस्य याचिका निरस्तं कृतः !

इसके बाद कॉलेज ने उन्हें निलंबन का नोटिस भेजा ! इस महीने की शुरुआत में अली को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली ! शीर्ष अदालत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर उनकी अर्जी खारिज कर दी !

उच्च न्यायालये अपि निरस्त: अग्रिम स्वतंत्रतापत्रम् याचनां अली: गत मैमासे प्रयागराजोच्च न्यायालये अग्रिम स्वतंत्रतापत्रम् याचिका प्रस्तुतं कृतरासीत् ! उच्च न्यायालये अपि तस्य याचिका निरस्त: अभवत् !

हाई कोर्ट में भी खारिज हुई अग्रिम जमानत अर्जी
अली ने गत मई में प्रयागराज हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी ! हाई कोर्ट में भी उनकी याचिका खारिज हो गई !

न्यायाधीश जेजे मुनीर: कथित: तत इदृशं कश्चित साक्ष्य प्रस्तुत नाभवत् यदेदम् ज्ञापयतु तत प्रवक्तायाः फेसबुक खाता हैक इति अभवत् स्म ! यस्यानंतरम् न्यायालय: तेन लाघवम् दत्तेनास्वीकार: कृतः !

न्यायाधीश जेजे मुनीर ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं हुआ है जो यह बताए कि प्रोफेसर का फेसबुक अकाउंट हैक हुआ था ! इसके बाद कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इंकार कर दिया !

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