रक्तोष्णिशे समाजवादी दलाध्यक्ष: अखिलेश यादव: खिन्न:, कौत्तरप्रदेशनिर्वाचने भविष्यति प्रकरणम् ! लाल टोपी पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव गरम, क्या यूपी चुनाव में बनेगा मुद्दा !

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गोरक्षपुरं पीएमनरेंद्रमोदी फर्टिलाइजरकार्यशालायाः एम्स इतस्योपहारौ दत्त: ! तस्यानंतरं एकं जनसभाम् संबोधित: यस्मिन् रक्तोष्णिशस्योल्लेखित: ज्ञापित: च् तत रक्तोष्णिशं अर्थम् रेड अलर्ट अर्थतः संकटस्य काळम् !

गोरखपुर को पीएम नरेंद्र मोदी ने फर्टिलाइजर कारखाने और एम्स की सौगात दी ! उसके बाद एक जनसभा संबोधित की जिसमें लाल टोपी का जिक्र किया और बताया कि लाल टोपी मतलब रेड अलर्ट यानी खतरे की घंटी !

सः रक्तोष्णिशस्योल्लेखित्वा संकेतानां माध्यमेण समाजवादी दले लक्ष्यम् लक्षित: ! समाजवादी दळम् अपि इति प्रकरणस्योत्तरम् मेरठस्य परिवर्तनगोष्ठ्यां दत्त: !

उन्होंने लाल टोपी का जिक्र कर संकेतों के माध्यम से समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा ! समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे का जवाब मेरठ की परिवर्तन रैली में दिया !

सपायाः राष्ट्रीयाध्यक्ष: अखिलेश यादव: कथित: तत रेडअलर्ट इति भाजपाहेतु अस्ति ! अखिलेश यादवेन सह सह तस्य कार्यकर्ता: बहु तर्कै: इदम् सिद्धस्य प्रयत्नम् कृता: पीएम मोदी एकं प्रकरणम् दत्तं !

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि रेड अलर्ट बीजेपी के लिए है ! अखिलेश यादव के साथ साथ उनके नायबों ने कई तर्कों के जरिए यह साबित करने की कोशिश की पीएम मोदी ने एक मुद्दा दे दिया है !

बुधवासरं संसद परिसरे गांधी प्रतिमायाः अधो अखिलेश यादव: सांकेतिक धरनायां तिष्ठ: कथित: च् तत भाजपा, देशस्य नायकानां, जनानां अपकारं करोति ! तर्हि प्रश्नमिदमस्ति तत का रक्तोष्णिशम् निर्वाचने प्रकरणम् भविष्यति !

बुधवार को संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के नीचे अखिलेश यादव सांकेतिक धरने पर बैठे और कहा कि बीजेपी, देश के नायकों का, लोगों का अपमान कर रही है ! तो सवाल यह है कि क्या लाल टोपी चुनाव में मुद्दा बनेगा !

समाजवादी दलस्य राज्यसभा सांसद जया बच्चन कथिता तत तया रक्तोष्णिशे गर्वमस्ति सा च् तेन नित्य धारित्वा संसदागमिष्यति ! येन सहैव कथिता तत वस्तुतः भाजपायाः पार्श्वकार्यस्य नामनि गणनाय केचनापि नास्ति तर्हि तस्यनेतारः इतिप्रकारस्य वार्ता: कुर्वन्ति !

समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा कि उन्हें लाल टोपी पर गर्व है और वो उसे रोज पहनकर संसद आएंगी ! इसके साथ ही कहा कि दरअसल बीजेपी के पास काम के नाम पर गिनाने के लिए कुछ भी नहीं है तो उसके नेता इस तरह की बातें करते हैं !

समाजम् केन प्रकारेण अपभज्यित्वा राजनीतिम् कर्तुम्, सत्तासुखम् केन प्रकारेण नीतुम् भाजपायाः कार्यसुचिम् रमति ! दुर्भाग्यतः तत जनान् पथभ्रस्ट कृते साफल्यं लभते ! तु सम्प्रति केचन न भूतं !

समाज को किस तरह से बांट कर राजनीति की जाए, सत्ता सुख किस तरह से लिया जाए यही तो बीजेपी का एजेंडा रहा है ! दुर्भाग्य से वो जनता को बरगलाने में कामयाब रहे ! लेकिन अब दाल नहीं गलने वाली है !

विद्वाना: कथ्यन्ति तत राजनित्यां संकेतानां महत भूमिकाम् भवति ! २०१९ तमस्य साधारण निर्वाचनं दर्शयन्तु तर्हि केन प्रकारेण निर्वाचनस्य अंतिम चरणे कांग्रेसस्य टेक्नोक्रेट मुखम् सैमपित्रोदायाः एकं शब्दं पीएम नरेंद्र मोदी लाभम् नीत: !

जानकार कहते हैं कि राजनीति में संकेतों की अहम भूमिका होती है ! 2019 के आम चुनाव को देखें तो किस तरह से चुनाव के अंतिम चरण में कांग्रेस के टेक्नोक्रेट चेहरे सैम पित्रोदा के एक कोट को पीएम नरेंद्र मोदी ने भूना लिया !

प्रश्नमिदमस्ति तत यदा कश्चित इति प्रकारेण व्यंगम् करोति तर्हि विरोधिन: कंप्रकारं ददान्ति ! पीएम मोदी रक्तोष्णिशं रेड अलर्ट इत्येनसंयुक्तं समाजवादी दले येन प्रकारेण लक्ष्यम् लक्षित: सा जनान् प्रार्थनां करोति स्म !

सवाल यह है कि जब कोई इस तरह से तंज कसता है तो विरोधी उसका जवाब किस तरह देते हैं ! पीएम मोदी ने लाल टोपी को रेड अलर्ट से जोड़ समाजवादी पार्टी पर जिस तरह से निशाना साधा वो लोगों को अपील कर रहा था !

यदा सः रक्तोष्णिशं रक्तविद्युतेन संयुक्तं, रक्तोष्णिशं गुंडकर्मेण संयुक्तं तर्हि जनान् ज्ञापनस्य प्रयत्नं कृता भवन्तः अवगम्यतुम् शक्नोन्ति रक्तोष्णिशं अर्थम् संकटम् !

जब उन्होंने लाल टोपी को लाल बत्ती से जोड़ा, लाल टोपी को गुंडागर्दी से जोड़ा तो लोगों को बताने की कोशिश की आप समझ सकते हैं लाल टोपी मतलब खतरा !

यद्यपि रक्तोष्णिशस्य व्यंगे समाजवादी दळम् लखीमपुर खीरी हिंसा, आरक्षकः अन्यायेण संलग्नयन् कथित: ततेदम् सर्वाणि घटना: तत सर्वकारे अभवत् यत् स्वम् सर्वसमाजस्य हितैषी भवस्य दृढ़कथनम् करोति स्म ! आगन्तुकं निर्वाचने इदम् स्लोगन कति अंतरमेव जीवितुम् रमिष्यतीदम् द्रष्टुम् भविष्यति !

हालांकि लाल टोपी के तंज पर समाजवादी पार्टी ने लखीमपुर खीरी हिंसा, पुलिस अत्याचार से जोड़ते हुए कहा कि यह सब घटनाएं उस सरकार में हुई हैं जो अपने आपको सर्व समाज के हितैषी होने का दावा करती थी ! आने वाले चुनाव में यह स्लोगन कितनी देर तक जिंदा रहेगा यह देखना होगा !

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