हिंदू कदापि ईद मुबारक इति न कथिष्यति यदीदम् पुस्तकम् पठिष्यति ! हिंदू कभी ईद मुबारक नहीं कहेंगे अगर ये किताब पढ़ लेंगे !

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प्रतीक चित्र

लेख का आधार और स्रोत- किताब- तुगलककालीन भारत, अनुवादक- सैयद अतहर अब्बास रिजवी, प्रोजेक्ट-अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, प्रकाशन राजकमल !

भवान् सदैव दर्शितुं भविष्यति ! मुस्लिमा: बहूत्सुक: रमन्ति तत हिंदू अपि तान् ईद मुबारक इति कथ्येत् तु यदीतिहास पुस्तकानां पृष्ठान् उद्घाटिष्यति तदैदम् ज्ञातम् भविष्यति तत हिंदवे ईद मुबारक इति कदापि न रमित: ! हिंदवे ईद सदैव विनाशक: इव रमति !

आपने अक्सर देखा होगा ! मुस्लिम काफी उत्सुक रहते हैं कि हिंदू भी उनको ईद मुबारक कहें लेकिन अगर इतिहास के किताबों के पन्नों को पलटेंगे तो ये पता चलेगा कि हिंदुओं के लिए ईद मुबारक कभी नहीं रही ! हिंदुओं के लिए ईद हमेशा विनाशक ही रही है !

मुस्लिमशासनस्य काळम् भारते वर्तमान मुस्लिम इतिहासकर्ता: स्वपुस्तकेषु लिखितमस्ति तत ईदस्य पूर्वं मुस्लिमशासक: नृप: च् स्वपूर्ण क्षेत्रेषु अमुस्लिम: स्त्रियान् अवरुद्धस्यैकं अभियानम् चालितुं कुर्वन्ति स्म, कुत्रचित् ईदस्य दिवसं तस्याः इच्छायाः विरुद्धम् तस्या: आनंद नीतुं शक्नुता: !

मुस्लिम शासन के वक्त भारत में मौजूद मुस्लिम इतिहासकारों ने अपनी किताबों में लिखा है कि ईद के पहले मुस्लिम सुल्तान और बादशाह पूरे अपने इलाकों में काफिर स्त्रियों को पकड़ने का एक अभियान चलाया करते थे, ताकी ईद के दिन उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका आनंद ले सकें !

भारते मराठाशासनागमनैव हिंदूषु ईदस्य दिवसे इमे अनाचारम् सततं चरितुं रमिता:, इब्नबतूता, बद्रेचाच जियाउद्दीन बरनी च् यथा बहुमध्यकालीन इतिहास कर्ता: लिखितमस्ति तत हिंदू बालिकानां लूंठनम् तस्या: च् क्रयाणि इति प्रकारम् भवति स्म तत हिंदू बालिका: बहु न्यूनमूल्ये विक्रयन्ति स्म !

भारत में मराठा शासन आने तक हिंदुओं पर ईद के रोज पर ये अत्याचार लगातार चलता रहा,इब्नेबतूता बद्रेचाच और जियाउद्दीन बरनी जैसे तमाम मध्य कालीन इतिहासकारों ने लिखा है कि हिंदू लड़कियों की लूट और उनकी खरीद फरोख्त इस तरह हो रही थी कि हिंदू लड़कियां बहुत सस्ते में बिक रही थीं !

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालयस्य निर्देशने अलिखत् पुस्तकम्, तुगलककालीन भारते इति अति क्षोभ दाता: घटनायाः उल्लेखम् लब्धति ! इति पुस्तके मुहम्मद बिन तुगलकस्य काले अभवन् मुस्लिम इतिहासकर्तानां ग्रन्थानां हिंदी अनुवादम् प्रस्तुताः ! यस्य अनुवादकरपि सैयद अतहर अब्बास रिजविन् सन्ति !

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के निर्देशन में लिखी गई किताब, तुगलककालीन भारत में इस अत्यंत क्षोभदायक घटना का जिक्र मिलता है ! इस किताब में मुहम्मद बिन तुगलक के समय में हुए मुस्लिम इतिहासकारों के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद पेश किया गया है ! इसके अनुवादक भी सैयद अतहर अब्बास रिजवी हैं !

तुगलककालीन भारतं पुस्तके इब्नेबतूतायाः यात्रा वृतांतस्योल्लेखं कृतवान ! इब्नेबतूता स्वयात्रा वृतांते लिखितमस्ति तत यदा तः भारतं आगतः तर्हि तं दर्शित: तत ईदस्य दिवसं मुस्लिमशासक: स्वसभायां हिंदूनृपाणां हिंदूणां च् अपहरणस्य कृतन् पुत्रिभिः नृत्यं कारयति स्म !

तुगलककालीन भारत किताब में इब्नेबतूता के यात्रा वृतांत का जिक्र किया है ! इब्नेबतूता ने अपने यात्रा वृतांत में लिखा है कि जब वो भारत आया तो उसने देखा कि ईद के दिन मुस्लिम सुल्तान अपने दरबार में हिंदू राजाओं और हिंदुओं की अपहरण की गई बेटियों से नृत्य करवाता था !

यस्यानंतरम् एतान् हिंदू महिलान् शासक: स्व सैनिकेषु बलात् भोगविलासाय वितरिते स्म ! इदम् इब्नेबतूता लिखितमस्ति अनुवादम् च् सैयद अतहर अब्बास रिजविण: अस्ति ! अर्थतः इमानि मुस्लिमा: सन्ति मुस्लिमा: च् स्वयमेव स्व रहस्योद्घाटनम् कृता: !

इसके बाद इन हिंदू औरतों को सुल्तान अपने सिपाहियों में जबरन भोग विलास करने के लिए बांट दिया करता था ! ये इब्नेबतूता ने लिखा है और अनुवाद सैयद अतहर अब्बास रिजवी का है ! यानी ये सब मुसलमान हैं और मुसलमानों ने खुद ही अपनी पोल खोली है !

ईदस्य एकेण मासेण पूर्वेणेव वृहत् संख्यायाम् हिंदू महिलानां लूंठनम् क्रियते स्म ! इब्नेबतूता लिखितम् अस्ति तत हिंदू स्वभगिनी: पुत्री: संरक्षणाय वेतसस्य वनेषु गोपिते स्म ! इब्नेबतूता लिखितमस्ति तत अमुस्लिमानां विरुद्धम् जये तस्य हस्ते अमुस्लिम: महिला: लब्धति स्म !

ईद के एक महीने पहले से ही भारी संख्या में हिंदू औरतों की लूट की जाती थी ! इब्नेबतूता ने लिखा है कि हिंदू अपनी बहन बेटियों को बचाने के लिए बांस के जंगलों में छुप जाया करते थे ! इब्नेबतूता ने लिखा है कि काफिरों के खिलाफ जीत में उसके हाथ काफिर स्त्रियां लगी थीं !

एतै: स्त्रिभिः सह दुष्कर्मस्यानंतरम् इब्नेबतूतायाः बालका: अपि अभवन् स्म ! अद्यापि केचन वर्षम् पूर्वम् संपूर्णविश्वम् दर्शितं स्म तत कीदृशं इराके इस्लामिक देशस्य पुरुषा: कुरानस्यायतस्योद्धरणम् दत्वा यजीदी महिलानां आपणानि स्थापितानि स्म तस्या: च् क्रयमपि कृतमासीत् !

इन स्त्रियों के साथ बलात्कार के बाद इब्नेबतूता के बच्चे भी हुए थे ! अभी कुछ साल पहले पूरी दुनिया ने देखा था कि कैसे सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट के मोमिनों ने कुरान की आयत का हवाला देकर यजीदी महिलाओं की मंडियां लगाई थी और उनकी खरीद फरोख्त भी की थी !

आतंकिण: अमुस्लिम: स्त्रीणां दुष्कर्ममिस्लामयुक्तं ज्ञापनाय कुरानस्यायतानां उद्धरणमपि दत्तवान स्म ! भवान् दर्शितुं भविष्यति तत यदा बंगे मुस्लिमानां पुत्तलिका शासका ममता बनर्ज्या: शासनम् पश्चिम बंगे आगतं तर्हि हिंदू महिलाभिः सह दुष्कर्मम् कृतवान !

आतंकियों ने काफिर स्त्रियो के बलात्कार को इस्लाम सम्मत बताने के लिए कुरान की आयतों का हवाला भी दिया था ! आपने देखा होगा कि जब बंगाल में मुस्लिमों की कठपुतली शासक ममता बनर्जी का राज पश्चिम बंगाल में आया तो हिंदू औरतों के साथ रेप किए गए !

तदा बहवः हिंदवः स्वसत्वरक्षणाय स्वगृहान् त्यजिता: ! बहवः हिंदू कुटुंबानि वनेषु आश्रयं नीता: कुत्रचित कश्चितप्रकारम् ताः सुरक्षयन्तु बहवः हिंदवः च् पलायित्वासम राज्ये प्रवेशिता: स्म ! इतिहासेण शिक्षाम् न नयन्तु तर्हीतिहासम् पुनः पुनः स्वम् पुनरावृत्तिम् करोति बंगे अपि इदमेव भवति स्म !

तब बहुत सारे हिंदुओं ने अपनी इज्जत बचाने के लिए अपने घरों को छोड़ दिया ! बहुत सारे हिंदू परिवारों ने जंगलों में शरण ली ताकी किसी तरह वो बच जाएं और बहुत सारे हिंदुओं ने भागकर असम राज्य में प्रवेश किया था ! इतिहास से सबक ना लिया जाए तो इतिहास बार बार खुद को दोहराता है बंगाल में भी यही हो रहा था !

अहम् भवतम् पुस्तकस्य नामानुवादकस्य चोल्लेखम् कृतवान ! प्रकाशकरपि ज्ञापितमस्ति ! पुस्तकम् आनित्वा पठन्तु ! हिन्दुषु अनाचारमिदृशमिदृशं अभवन् तत भवतम् वमनम् भविष्यते ! तु प्रथम शिक्षामंत्री मौलाना आजाद: कांग्रेसम् च् मेलित्वा हिंदून् विमूढ़: कृतौ !

मैंने आपको किताब का नाम और अनुवादक का जिक्र कर दिया है ! प्रकाशक भी बता दिया है ! किताब लाकर पढ़ लें ! हिंदुओं पर जुल्म ऐसे ऐसे हुए हैं कि आपको उल्टी आ जाएगी ! लेकिन पहले शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद और कांग्रेस ने मिलकर हिंदुओं को मूर्ख बना दिया !

नृपन् नायका: सिद्धा: यस्य च् परिणाममिदमस्ति तत अद्य भारतं एकदा पुनः गजवा ए हिन्दस्य वलये स्थितमस्ति हिंदू च् पुनः दासभवस्य तत्परताम् करोति !

बादशाहों को हीरो साबित कर दिया और इसका परिणाम ये है कि आज भारत एक बार फिर गजवा ए हिंद के मोड़ पर खड़ा है और हिंदू फिर गुलाम होने की तैयारी कर रहा है !

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