अस्माभिः इव राष्ट्रस्यास्तित्वमस्ति, राष्ट्रेणेवास्माकं च् अस्तित्वमस्ति, ब्रह्मकुमारी सम्मेलने बदित: पीएम मोदी ! हमसे ही राष्ट्र का अस्तित्व है, और राष्ट्र से ही हमारा अस्तित्व है, ब्रह्मकुमारी सम्मेलन में बोले पीएम मोदी !

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ब्रह्मकुमारी संस्थाया स्वतंत्रतायाः अमृत महोत्सवेण स्वर्णिमभारतं प्रति, कार्यक्रमस्यारंभ भवति ! इति कार्यक्रमे स्वर्णिम भारताय भावनामप्यास्ति, साधनां अप्यास्ति ! यस्मिन् देशाय प्रेरणामप्यास्ति, ब्रह्मकुमारिणां प्रयासमप्यास्ति ! राष्ट्रस्य प्रगत्यामेव अस्माकं प्रगतिमस्ति ! अस्माभिः इव राष्ट्रस्यास्तित्वम् अस्ति, राष्ट्रेणेवास्माकं चस्तित्वमस्ति !

ब्रह्मकुमारी संस्था के द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर, कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है ! इस कार्यक्रम में स्वर्णिम भारत के लिए भावना भी है, साधना भी है ! इसमें देश के लिए प्रेरणा भी है, ब्रह्मकुमारियों के प्रयास भी है !राष्ट्र की प्रगति में ही हमारी प्रगति है ! हमसे ही राष्ट्र का अस्तित्व है, और राष्ट्र से ही हमारा अस्तित्व है !

इमानि भावम्, इमानि बोधम् नवभारतस्य निर्माणे वयं भारतवासिनां सर्वात् वृहद शक्तिम् निर्मीति ! अद्य देशम् यत् केचन करोति तस्मिन् सर्वानां प्रयासं सम्मिलितमस्ति ! अद्य वयं एकमिदृशं व्यवस्थाम् निर्मान्ति यस्मिन् पक्षपातस्य कश्चित स्थानम् नासि, एकमिदृशं समाजम् निर्मान्ति, यत् समानतायाः सामाजिक न्यायस्याधारे दृढ़ताया स्थितमसि !

ये भाव, ये बोध नए भारत के निर्माण में हम भारतवासियों की सबसे बड़ी ताकत बन रहा है ! आज देश जो कुछ कर रहा है उसमें सबका प्रयास शामिल है ! आज हम एक ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिसमें भेदभाव की कोई जगह न हो, एक ऐसा समाज बना रहे हैं, जो समानता और सामाजिक न्याय की बुनियाद पर मजबूती से खड़ा हो !

वयं एकमिदृशं भारतमुद्भवितुं दर्शयाम:, यस्य विचारं दृष्टिकोणम् च् नवीनमस्ति, यस्य निर्णयम् प्रगतियुक्तं सन्ति ! कित्तूरस्य रानी चेनम्मा, मतंगिनी हाजरा, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई तः गृहीत्वा सामाजिक क्षेत्रे अहिल्याबाई होल्कर सावित्री बाई फूले चेव, इत्य: देव्य: भारतस्य परिचयं निर्मितुं धृता: !

हम एक ऐसे भारत को उभरते देख रहे हैं, जिसकी सोच और अप्रोच नई है, और जिसके निर्णय प्रगतिशील हैं ! कित्तूर की रानी चेनम्मा, मतंगिनी हाजरा, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई से लेकर सामाजिक क्षेत्र में अहिल्याबाई होल्कर और सावित्रीबाई फुले तक, इन देवियों ने भारत की पहचान बनाए रखी !

संकटेभ्यः परिपूर्ण मध्यकाले अपि इति देशे पन्नाधाय मीराबाई च् यथैव महान नार्य: अभवन् अमृत महोत्सवे च् देशम् येन स्वाधीनता संग्रामस्येतिहासम् स्मरति, तस्मिनपि कति इव महिला: स्व बलिदानम् दत्ता: ! विश्व यदा तमस्य तीक्ष्ण काले आसीत्, महिला: गृहीत्वा पुरातनविचारे संलिप्तमासीत्, तदा भारत मातृशक्त्या: पूजनम्, देव्या: रूपे करोति स्म !

कठिनाइयों से भरे मध्यकाल में भी इस देश में पन्नाधाय और मीराबाई जैसी महान नारियां हुईं, और अमृत महोत्सव में देश जिस स्वाधीनता संग्राम के इतिहास को याद कर रहा है, उसमें भी कितनी ही महिलाओं ने अपने बलिदान दिये हैं ! दुनिया जब अंधकार के गहरे दौर में थी, महिलाओं को लेकर पुरानी सोच में जकड़ी थी, तब भारत मातृशक्ति की पूजा, देवी के रूप में करता था !

अस्माकं यत्र गार्गी, मैत्रेयी, अनुसूया, अरुंधति मदालसा च् यथैव विदुष्य: समाजम् ज्ञानम् ददान्ति स्म ! अस्माभिः स्वसंस्कृतिम्, स्वसभ्यताम्, स्व संस्कारान् जीवंतम् धृतमस्ति, स्वाध्यात्मिकताम्, स्व विविधताम् संरक्षितं संवर्धितं च् कृतमस्ति, सहैव च् टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, हेल्थ इत्यानां व्यवस्थान् सततं आधुनिकमपि निर्माणकृतमस्ति !

हमारे यहाँ गार्गी, मैत्रेयी, अनुसूया, अरुंधति और मदालसा जैसी विदुषियाँ समाज को ज्ञान देती थीं ! हमें अपनी संस्कृति, अपनी सभ्यता, अपने संस्कारों को जीवंत रखना है, अपनी आध्यात्मिकता को, अपनी विविधता को संरक्षित और संवर्धित करना है, और साथ ही, टेक्नोलॉजी, इनफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, हेल्थ की व्यवस्थाओं को निरंतर आधुनिक भी बनाना है !

अमृतकालस्येदम् काळम्, शयन् स्वप्नम् दर्शनस्य न अपितु जागृतं भूत्वा स्व संकल्प पूर्णकृतस्यास्ति ! आगतानि २५ वर्षम्, परिश्रमस्य पराकाष्ठायाः, त्यागस्य, तपस्यायाः २५ वर्षाणि सन्ति ! सहस्राणां वर्षाणां परतंत्रे अस्माकं समाजम् यत् विनाशयं, इमानि २५ वर्षस्य कालखंडं, तेन पुनः ळब्धस्यास्ति !

अमृतकाल का ये समय, सोते हुए सपने देखने का नहीं बल्कि जागृत होकर अपने संकल्प पूरे करने का है ! आने वाले 25 साल, परिश्रम की पराकाष्ठा, त्याग, तप-तपस्या के 25 वर्ष हैं ! सैकड़ों वर्षों की गुलामी में हमारे समाज ने जो गंवाया है, ये 25 वर्ष का कालखंड, उसे दोबारा प्राप्त करने का है !

विगत ७५ वर्षेषु वयं केवलमधिकराणां वार्ता कृतः, अधिकारेभ्यः कलहम्, रणम्, काळम् व्यतीत: ! अधिकारस्य वार्ता, केचनस्थितैव, केचन कालाय, कश्चितैवैके परिस्थित्यां सद् भवितुं शक्नोति तु स्व कर्तव्यान् पूर्णरूपम् विस्मृतं, इति वार्ता भारतं क्षीण कृते बहु वृहद भूमिकाम् निर्वहितं !

बीते 75 वर्षों में हमने सिर्फ अधिकारों की बात की, अधिकारों के लिए झगड़े, जूझे, समय खपाते रहे ! अधिकार की बात, कुछ हद तक, कुछ समय के लिए, किसी एक परिस्थिति में सही हो सकती है लेकिन अपने कर्तव्यों को पूरी तरह भूल जाना, इस बात ने भारत को कमजोर रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है !

अस्माभिः इदमपि भविष्यति तत स्वतंत्रतायाः अनंतरस्य ७५ वर्षेषु, अस्माकं समाजे, अस्माकं राष्ट्रे, एकं अवगुणं सर्वानां अभ्यांतरं प्रवेशिता: ! इदम् अवगुणमस्ति, स्वकर्तव्येण विमुखम् भवितं, स्व कर्तव्यान् सर्वोपरि न धृतं ! अस्मान् देशस्य प्रत्येक नागरिकस्य हृदये एकं दीपम् प्रज्ज्वलितमस्ति, कर्तव्यस्य दीपम् !

हमें ये भी मानना होगा कि आजादी के बाद के 75 वर्षों में, हमारे समाज में, हमारे राष्ट्र में, एक बुराई सबके भीतर घर कर गई है ! ये बुराई है, अपने कर्तव्यों से विमुख होना, अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि ना रखना ! हम सभी को, देश के हर नागरिक के हृदय में एक दीया जलाना है, कर्तव्य का दीया !

वयं मेलित्वा, देशम् कर्तव्यपथे अग्रम् बर्धिष्याम:, तर्हि समाजे व्याप्तावगुणानि अपि द्रुतं भविष्यति देशम् च् नवशिखरे अपि नयस्यते ! इदृशैव संस्था: यस्य एकं अंतरराष्ट्रीय उपस्थितिमस्ति, ताः द्वितीय देशानां जनाः एव भारतस्य सद् वार्ताम् नयन्तु, भारतं प्रत्ये यत् लोकवादा: प्रसारयन्ति, तस्य सत्यता तत्रस्य जनान् ज्ञापयन्तु, तै: जागरूकम् कुर्वन्तु, इदम् अपि अस्माकं कर्तव्यम् सन्ति !

हम सभी मिलकर, देश को कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ाएंगे, तो समाज में व्याप्त बुराइयां भी दूर होंगी और देश नई ऊंचाई पर भी पहुंचेगा ! ऐसी संस्थाएं जिनकी एक अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति है, वो दूसरे देशों के लोगों तक भारत की सही बात को पहुंचाएं, भारत के बारे में जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उनकी सच्चाई वहां के लोगों को बताएं, उन्हें जागरूक करें, ये भी हम सबका कर्त्तव्य है !

यदा वयं स्वतंत्रतायाः अमृत महोत्सवं मान्यन्ति तर्हि इदमपि अस्माकं दायित्वमस्ति तत विश्वम् भारतं सद् रूपे ज्ञायन्तु ! भवन्तः इति वार्तायाः साक्षीम् रमन्ति तत भारतस्य चित्रम् धूमिलाय कं प्रकारम् भिन्न-भिन्न प्रयासम् चरितुं रमन्ति ! यस्मिन् अंतरराष्ट्रीय स्तरे अपि बहुकेचन चरितुं रमति ! यस्मात् वयं अयम् कथित्वा पृथकं भवितुं न शक्नोमि तत इदम् केवलं राजनीतिमस्ति !

जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो ये भी हमारा दायित्व है कि दुनिया भारत को सही रूप में जाने ! आप सभी इस बात के साक्षी रहे हैं कि भारत की छवि को धूमिल करने के लिए किस तरह अलग-अलग प्रयास चलते रहते हैं ! इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत कुछ चलता रहता है ! इससे हम ये कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकते कि ये सिर्फ राजनीति है !

इदम् राजनीतिम् नास्ति, इदमस्माकं देशस्य प्रश्नम् अस्ति ! कार्यक्रमस्य काळं,प्रधानमंत्री ब्रह्मकुमारिणां सप्त पहलानां प्रारंभम् कृतः ! एतेषु पहलेषु मम भारतं स्वस्थ भारतं, आत्मनिर्भर भारतं, आत्मनिर्भर कृषका:, महिला:, भारतस्य ध्वजवाहका:, अदृष्टम् भारतं साइकिल यात्रा, संगठित भारत मोटर बाइक अभियानम् स्वच्छ भारताभियानानां चनुरूपं हरित पहलानि सम्मिलिता: सन्ति !

ये राजनीति नहीं है, ये हमारे देश का सवाल है ! कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ब्रह्मा कुमारियों की सात पहलों की शुरुआत की ! इन पहलों में मेरा भारत स्वस्थ भारत, आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर किसान, महिलाएं, भारत की ध्वजवाहक, अनदेखा भारत साइकिल रैली, एकजुट भारत मोटर बाइक अभियान और स्वच्छ भारत अभियान के तहत हरित पहलें शामिल हैं !

कार्यक्रमस्य काळम्, ग्रैमी पारितोषिक ळब्ध: रिकी केजेण स्वतंत्रतायाः अमृत महोत्सवम् समर्पितं एकं गीतमपि प्रस्तुतम् करिष्यते ! विश्वव्यापिनाध्यात्मिक आंदोलनमस्ति, ब्रह्मकुमारी एकं विश्वव्यापिन् आध्यात्मिक आंदोलनमस्ति, यत् व्यक्तिगत परिवर्तनाय विश्व नवीनीकरणाय समर्पितमस्ति !

कार्यक्रम के दौरान, ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित एक गीत भी जारी किया जाएगा ! विश्वव्यापी आध्यात्मिक आंदोलन है ब्रह्मा कुमारी एक विश्वव्यापी आध्यात्मिक आंदोलन है, जो व्यक्तिगत परिवर्तन और विश्व नवीनीकरण के लिए समर्पित है !

१९३७ तमे भारते स्थापितं ब्रह्मकुमारी आंदोलनम् १३० तः अधिकेषु देशेषु प्रसृतानि ! प्रजापिता ब्रह्म कुमारेश्वरीय विवि एवं भारतसर्वकारस्य संस्कृति मंत्रालयस्य संयुक्त तत्वाधाने इति समारोहम् आयोजयते !

1937 में भारत में स्थापित ब्रह्माकुमारी आंदोलन 130 से अधिक देशों में फैल चुका है ! प्रजापिता ब्रह्माकुमार ईश्वरीय विवि एवं भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में इस समारोह को आयोजित किया जा रहा है !

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